Saturday, January 1, 2022

 एक साल और गुज़र गया,

कुछ छूट गया, कुछ ठहर गया,

कुछ लम्हे थोड़े सिसके से, कुछ आँसू थोड़े गहरे से,

छोड़ दिए उस साल में, नई सुबह के ख्याल से, 

उम्मीद है कि अब अच्छा होगा, जो सोचा वो सच्चा होगा,

नए सपने सजायेगे , उन्हें पूरा कर, अधूरो  को भी बनायेंगे,

आओ चलें मिल के आगे, नए निराले अंदाज़ में,

तुम साथ में हो, हर बात में हो,

तो नई कहानी लिखेंगे हम,

नए साल के हर दिन को हसते हुए, जियेंगे हम!